khubsurti par shayari

100+ Khubsurti Par Shayari Tareef Uske Liye

प्रेम की अभिव्यक्ति का सबसे कोमल और गहरा माध्यम कविताएँ रही हैं। जब दिल में किसी के लिए अथाह प्रेम हो और उसकी सुंदरता का बखान करना हो, तो शब्द खुद-ब-खुद एक लय में ढलने लगते हैं। इसी लय को हम शायरी का नाम देते हैं। इंटरनेट पर Khubsurti Par Shayari खोजते हुए आपको ढेरों रचनाएँ मिलेंगी, लेकिन सच्चे प्रेम की गहराई उन पंक्तियों में होती है जो सीधे रूह से निकलती हैं। सुंदरता केवल रंग-रूप का नाम नहीं है, यह तो वह आकर्षण है जो किसी की सादगी, उसकी मुस्कुराहट और उसकी बातों से झलकता है।

जब आप किसी की रूप की प्रशंसा करते हैं, तो वह केवल शरीर की तारीफ नहीं होती, बल्कि उस एहसास का सम्मान होता है जो उसने आपके भीतर जगाया है। यहाँ आपके लिए कुछ बेहद चुनिंदा और नई खूबसूरत शायरी प्रस्तुत की जा रही है। इन कविताओं में न केवल हुस्न की तारीफ़ है, बल्कि वह सम्मान और समर्पण भी है जो प्रेम को मुकम्मल बनाता है। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए इन अल्फाज़ों को अपनाएँ और अपने प्रिय को यह महसूस कराएं कि वे आपकी नज़रों में कितने अनमोल हैं।

सादगी और रूप की प्रशंसा

सच्ची सुंदरता कभी किसी दिखावे या बाहरी आवरण की मोहताज नहीं होती। यह तो उस सादगी में बसती है जो बिना कुछ कहे ही देखने वाले को अपना बना लेती है। जब कोई बिना किसी बनावट के आपके सामने आता है, तो उसकी वास्तविकता सबसे बड़ी सजावट बन जाती है। 

इस हिस्से में हमने उस निर्मल सौन्दर्य को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है, जहाँ कोई मिलावट नहीं है। यह कविताएँ उस बेदाग रूप को समर्पित हैं, जिसे देखकर मन को एक अजीब सी शांति मिलती है और आँखें बस उसी को निहारते रहना चाहती हैं।

बिना किसी रंग के भी तुम्हारी तस्वीर मुकम्मल है,

जैसे किसी शांत नदी में ठहरा हुआ कोई कमल है।

तुम्हारे माथे की यह सिलवटें भी एक गज़ल लगती हैं,

बिना सजे भी तुम्हारी हस्ती कितनी मुकम्मल लगती है।

तुम्हारी खामोशी में भी एक अलग सी रवानी है,

यह सादगी ही तो तुम्हारी सबसे अनमोल निशानी है।

कोई आभूषण तेरे इस वजूद का क्या मोल लगाएगा,

तेरी सहजता के आगे हर श्रृंगार फीका पड़ जाएगा।

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नज़रों को बस तेरे इसी सीधेपन की तलाश थी,

वरना इस दुनिया में हुस्न की कहाँ कोई कमी थी।

तेरे चेहरे पे जो ये बेफिक्री का पहरा है,

यकीन मानो, इसी ने मेरे ख्यालों को घेरा है।

तुम्हें देखने को किसी खास सवेरे की जरूरत नहीं,

तुम्हारे वजूद से ही मेरी हर शाम संवर जाती है।

कितनी अजीब है तेरी यह बिना बनावट की मूरत,

कि जितनी दफा देखूँ, और निखर आती है सीरत।

तेरी हर एक बात में जो ये मासूम सा ठहराव है,

शायद इसी में छिपा मेरी जिंदगी का सारा बहाव है।

तुम पर किसी भी लिबास का कोई असर नहीं होता,

तेरी रूह की चमक को किसी रंग का डर नहीं होता।

जैसे हवाओं का बहना कोई रोक नहीं सकता,

तेरी इस सादगी को कोई लफ़्ज़ बाँध नहीं सकता।

मेरे पास अल्फ़ाज़ नहीं तेरी इस मूरत को बयां करने के लिए,

तेरी खामोश निगाहें ही काफी हैं इस दिल को फना करने के लिए।

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तुम्हें संवरने की कभी कोई जरूरत ही कहाँ है,

तुम्हारे इस सादेपन में ही मेरा सारा जहाँ है।

कोई देखे तुम्हें तो बस देखता ही रह जाए,

तेरी इसी सादगी पे ये दिल अपना वजूद लुटाए।

न दिखावा है, न कोई बनावट तेरे इस अंदाज़ में,

जैसे कोई मीठा सा सुर छिपा हो किसी साज़ में।

नज़रों की गहराई और उनकी चमक

आँखें इंसान के दिल का आईना होती हैं। किसी की नज़रों में वह जादू हो सकता है जो बिना एक शब्द बोले बहुत कुछ कह जाता है। आँखों की चमक और उनकी गहराई में डूबना एक ऐसा एहसास है जिसे केवल महसूस किया जा सकता है। जब हुस्न की तारीफ़ की बात आती है, तो बिना आँखों का ज़िक्र किए वह अधूरी रहती है। 

इस भाग में मौजूद शायरी उन नशीली और गहरी नज़रों को समर्पित है, जो एक पल में किसी को भी अपना दीवाना बना सकती हैं।

तेरी आँखों की गहराई में जो एक बार उतर जाए,

उसे फिर इस दुनिया का कोई और किनारा न भाए।

इन पलकों के साये में जो एक सुकून बसता है,

उसी के सहारे तो मेरा यह बेचैन दिल धड़कता है।

तेरी निगाहों से जो ये अनकही बातें छलकती हैं,

मेरी हर एक रात बस इन्हीं के ख्यालों में कटती है।

कुछ तो जादू है तेरी इन गहरी काली आँखों में,

कि खो जाता हूँ मैं अपनी ही बुनी हुई बातों में।

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तू जब भी नजरें उठाकर मेरी तरफ देखती है,

वक़्त की हर एक सुई जैसे वहीं पर ठहर जाती है।

तेरी नज़रों की वो एक हल्की सी इनायत,

मेरे सारे दर्द की बस यही एक मुकम्मल हिदायत।

इन निगाहों ने न जाने कितने राज़ छुपा रखे हैं,

हमने भी अपनी जान के सारे फैसले इन्हीं पर छोड़ रखे हैं।

तुम्हारी आँखों की कशिश का मैं क्या ही हिसाब दूँ,

सोचता हूँ इन्हें कोई मुकम्मल सी अनकही किताब दूँ।

तेरी इन आँखों में जो एक मासूम सी शरारत है,

मेरे इस वीरान दिल की बस यही एक इबादत है।

नज़र से नज़र का मिलना भी क्या गज़ब ढाता है,

बिन बोले ही दिल का सारा हाल समझ आ जाता है।

कोई क्या समझेगा मेरी इस दीवानगी का सबब,

तेरी आँखों ने ही तो सिखाया है मुझे ये अदब।

जब भी तू पलकें झुका कर मुस्कुरा देती है,

जिंदगी अपनी सारी उलझनें मुझे भुला देती है।

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तेरी नज़रों की तपिश में भी एक अलग सी ठंडक है,

जैसे तड़पते हुए दिल को मिली कोई मीठी सी दस्तक है।

इन आँखों में डूब कर जो सुकून मैंने पाया है,

वो मुकाम तो मैंने कभी अपनी दुआओं में भी न माँगा है।

तेरी निगाहों का वो तीर जो सीधे दिल पर लगा है,

उसी दर्द में तो मेरे इश्क का नया सवेरा जगा है।

चेहरे की मासूमियत का एहसास

मासूमियत एक ऐसा गुण है जो किसी भी चेहरे को एक ईश्वरीय चमक प्रदान करता है। एक भोलापन, एक ऐसी सच्चाई जो चेहरे के हर भाव में झलकती है, उसे शब्दों में बाँधना मुश्किल है। चेहरे की मासूमियत को निहारना ऐसा है जैसे किसी पवित्र मूरत के सामने खड़े होना। 

यहाँ दी गई शायरी आपके उसी एहसास को स्वर देती है। इन पंक्तियों में उस भोलेपन की आराधना है जो दिल के हर तार को झंकृत कर देता है और जीवन को एक नई उम्मीद से भर देता है।

तेरे इस मासूम से चेहरे पर जो गज़ब का नूर है,

शायद इसी वजह से मेरा यह दिल इतना मजबूर है।

तू कुछ भी न कहे तो भी तेरा अक्स सब कुछ बताता है,

ये भोलापन ही तो मुझे हर पल तेरी ओर खींच लाता है।

तेरी इसी मासूमियत पर तो मैंने अपना सब कुछ हारा है,

जिंदगी के इस सफर में तू ही मेरा सबसे प्यारा किनारा है।

कोई कैसे न पिघले तेरे इस बच्चे जैसे अंदाज़ पर,

हमें भी गुमान था पहले अपने सख्त मिज़ाज पर।

तेरे चेहरे की ये झिझक, ये अनकहा सा शर्माना,

यही तो है मेरे इस दिल के बहकने का सबसे बड़ा बहाना।

जब भी तुझे देखता हूँ, एक नई ताजगी महसूस होती है,

तेरी मूरत में मुझे मेरी खोई हुई बंदगी महसूस होती है।

तेरे चेहरे की मासूमियत में एक ऐसा अनजाना सा फितूर है,

कि तुझे देखने की खता करना मुझे हर बार मंज़ूर है।

तेरी सूरत में छुपी है वो एक मीठी सी सच्चाई,

जिसने मेरे मन की हर एक उलझन है मिटाई।

जैसे सुबह की पहली किरण नई उम्मीद लाती है,

तेरी ये भोली सूरत मेरे दिन को वैसे ही महकाती है।

किस मिट्टी से तराशा है खुदा ने तेरी इस हस्ती को,

तेरी मासूमियत ने बसा दिया मेरी वीरान बस्ती को।

तेरी मुस्कुराहट के पीछे जो ये एक हल्की सी हया है,

सच कहता हूँ, इसने ही मेरी दुनिया को नया रंग दिया है।

तेरे चेहरे के ये भाव जैसे कोई खुली सी किताब हों,

जिनमें लिखे हुए सारे लफ्ज़ जैसे मेरे ही ख्वाब हों।

तू जब रूठती है तो तेरी मासूमियत और भी निखरती है,

तेरे माथे की वो शिकन मेरे दिल में सीधे उतरती है।

कोई भी कला तेरी इस बनावट को मात नहीं दे सकती,

तेरे चेहरे की सच्चाई कोई तस्वीर नहीं कह सकती।

तेरी इसी मासूमियत का ही तो यह सारा कमाल है,

कि तुझे पा लेने का मेरे मन में उठता हर रोज़ सवाल है।

जुल्फों की छांव और उनका जादू

किसी के माथे पर लहराती जुल्फें केवल बाल नहीं होतीं, वे जैसे काले बादलों का ऐसा साया होती हैं जो किसी भी आशिक को अपनी छांव में पनाह लेने पर मजबूर कर देती हैं। जब हवा जुल्फों से खेलती है, तो वह नज़ारा हर कवि को कलम उठाने पर विवश कर देता है।

 जुल्फों का बिखरना और फिर उंगलियों से उन्हें सँवारना, मोहब्बत के सबसे खूबसूरत दृश्यों में से एक है। नीचे दी गई रचनाएँ उसी बिखरी हुई छटा और उस उलझन को बयान करती हैं जो जुल्फों के हर एक तार में मौजूद है।

तेरी जुल्फों के ये साये जब मेरे चेहरे पर पड़ते हैं,

यकीन मान, दुनिया के सारे ग़म मेरे दिल से उतरते हैं।

इन उलझी हुई लटों में मैंने अपनी किस्मत को बाँधा है,

तेरी जुल्फों की छांव को ही मैंने अपना घर माना है।

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जब हवा तेरे इन रेशमी बालों से होकर गुजरती है,

मेरे सीने में एक अनजानी सी धड़कन धड़कती है।

तेरी ये बिखरती जुल्फें जैसे किसी घटा का आना हो,

और इन में खो जाना जैसे मेरा कोई पुराना ठिकाना हो।

तू जब अपनी उंगलियों से इन लटों को कानों के पीछे करती है,

ये नाचीज़ सी दुनिया मुझे और भी हसीन लगने लगती है।

तेरी जुल्फों की इस उलझन को मैं उम्र भर सुलझाना चाहता हूँ,

इन काले घने जंगलों में मैं हमेशा के लिए खो जाना चाहता हूँ।

जैसे रात के अंधेरे में कोई जुगनू चमकता है,

तेरी जुल्फों के बीच से तेरा चेहरा वैसे ही दमकता है।

इन लहराती हुई रातों में मुझे अपनी नींदें गवानी हैं,

तेरी जुल्फों की छांव में ही मुझे अपनी दुनिया बसानी है।

कोई जंजीर मुझे बांधने में कभी कामयाब न हुई,

बस तेरी जुल्फों की एक लट ने मुझे उम्र भर का कैदी कर दिया।

तेरी इन संवरी हुई जुल्फों में एक अजीब सा नशा है,

जिसकी खुशबू में मेरा ये आवारा मन पूरी तरह फंसा है।

जब भी तू अपने इन बालों को खुला छोड़ देती है,

मेरे सब्र की वो हर एक नाजुक डोर तोड़ देती है।

तेरी जुल्फों के साये में जो एक सुकून सी ठंडक है,

वो मेरी तपती हुई रूह के लिए सबसे मीठी दस्तक है।

मैं मुद्दतों से इन्हीं उलझनों का तो मुसाफिर हूँ,

तेरी जुल्फों के हर एक तार का मैं सजदा करने को हाज़िर हूँ।

इन बादलों से कह दो कि अब बारिश का गुरूर छोड़ दें,

तेरी जुल्फों की एक घटा ही मेरे मन को भिगोने के लिए काफी है।

तेरी इन जुल्फों ने जो मेरे ख्यालों को जकड़ा है,

मैंने भी अपनी धड़कनों से अब तेरा ही हाथ पकड़ा है।

मुस्कान जो रूह को सुकून दे

मुस्कुराहट एक ऐसी भाषा है जो बिना किसी शब्द के सीधे दिल तक पहुँचती है। किसी अपने की एक सच्ची मुस्कान जीवन की हर थकान और हर उदासी को पल भर में दूर कर सकती है। यह मुस्कान एक रौशनी की तरह होती है जो सबसे अंधेरे कोनों को भी जगमगा देती है। इस खंड में हमने उस मीठी और सुकून देने वाली मुस्कुराहट की तारीफ की है। ये शायरी उन होठों की प्रशंसा करती है जिनकी एक मुस्कान पर दुनिया की हर दौलत कुर्बान की जा सकती है।

तेरी एक मुस्कुराहट से जो मेरे दिन की शुरुआत होती है,

वही तो मेरे लिए सबसे मुकम्मल और हसीन सौगात होती है।

तू जब हंसती है तो लगता है जैसे कोई फूल खिल गया हो,

जैसे किसी मुद्दतों के भटके हुए मुसाफिर को किनारा मिल गया हो।

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तेरे होठों की ये मुस्कान किसी जादू से कम नहीं है,

जब तू खुश है तो मेरी इस दुनिया में कोई गम नहीं है।

मुस्कुराते हुए चेहरे पर जो तेरा यह नूर दमकता है,

उसी के साये में तो मेरा यह वीरान मन चहकता है।

तेरी हंसी की इस झंकार में जो एक मीठा सा सुर है,

उसी ने तो मिटाया मेरे मन का हर एक गुरूर है।

तू बस ऐसे ही मुस्कुराती रहा कर हर एक पहर में,

तेरी हंसी से ही रौशनी होती है मेरे इस सूने शहर में।

तेरे मुस्कुराने का वह एक पल मुझे उम्र भर की राहत देता है,

इस बेरंग सी दुनिया में जीने की एक नई चाहत देता है।

तेरी इसी हंसी के खातिर तो मैं हर एक सितम सह सकता हूँ,

तेरे इन मुस्कुराते होठों पर मैं अपनी पूरी उम्र कह सकता हूँ।

जब भी तू खिलखिला कर किसी बात पर हंस देती है,

मेरे इस बिखरे हुए वजूद को एक नई जान दे देती है।

तेरी मुस्कान की वो एक छोटी सी झलक पाने के लिए,

तैयार हूँ मैं जमाने की हर एक रस्म को भुलाने के लिए।

जैसे पतझड़ के बाद कोई नया सावन आता है,

तेरा मुस्कुराता हुआ चेहरा मुझे वैसा ही सुकून दे जाता है।

तू जब खुश होती है तो ये हवाएं भी गुनगुनाती हैं,

तेरी मुस्कुराहट ही तो इस प्रकृति को नई राह दिखाती है।

तेरे चेहरे की हंसी को कभी कोई नज़र न लगे,

मेरे हिस्से की भी सारी खुशियां बस तेरे ही नाम सजें।

तेरी मुस्कान में छिपा है मेरे हर एक दर्द का मरहम,

इसे खोने का मुझे इस जिंदगी में कभी न हो कोई गम।

हंसते हुए जो तेरे गालों पे ये हल्का सा रंग छाता है,

ये मेरी आंखों को सारी उम्र का पहरेदार बना जाता है।

मोहब्बत और हुस्न का अनूठा संगम

जब हुस्न और सच्ची मोहब्बत आपस में मिलते हैं, तो एक ऐसा आध्यात्मिक बंधन बनता है जिसकी व्याख्या करना आसान नहीं है। हुस्न केवल तभी पूर्ण होता है जब उसे किसी सच्ची और पाकीज़ा मोहब्बत की नज़रों से देखा जाए। प्रेम की गहराई शारीरिक सुंदरता को पार कर सीधे रूह तक पहुँचती है। इस अंतिम खंड में, उन जज्बातों को शायरी का रूप दिया गया है जहाँ रूप और प्रेम एक हो जाते हैं, जहाँ एक दूसरे के बिना दोनों का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता।

मोहब्बत की नज़र से देखोगे तो हर जर्रा हसीन लगेगा,

पर जो तेरे हुस्न में है बात, वो फिर कहीं और न मिलेगा।

तेरी इस सूरत से शुरू होकर तेरी सीरत तक जो सफर है,

वही तो मेरी इस बेतहाशा मोहब्बत की असली डगर है।

मैंने तेरे हुस्न को अपनी इबादत का दर्जा दिया है,

जब से इस दिल ने तेरी मोहब्बत का ये जाम पिया है।

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तेरी खूबसूरती का और मेरी इस दीवानगी का क्या ही कहना,

मुझे तो बस ताउम्र तेरे ख्यालों के इसी आशियां में है रहना।

यह मोहब्बत ही तो है जिसने तेरे रूप को और निखारा है,

वरना इस बेजान सी दुनिया में और कौन किसी का प्यारा है।

तेरी सूरत मेरी मोहब्बत के बिना जैसे एक अनकही कहानी है,

इन दोनों के संगम से ही तो मेरी ये जिंदगी रूहानी है।

जब मेरे इश्क का रंग तेरे इस हुस्न पर चढ़ता है,

तब जाके ये खुदा का मुकम्मल शाहकार बनता है।

मैंने तेरे बाहरी हुस्न से ज्यादा तेरी उस रूह को चाहा है,

शायद इसीलिए मेरी मोहब्बत ने एक नया मकाम पाया है।

तेरी कशिश और मेरे इस इश्क का ये जो अनूठा सा रिश्ता है,

इसी में तो मेरी सारी खुशियों का एक पूरा जहाँ बसता है।

हुस्न तो ढल जाएगा एक दिन इस ढलते हुए सूरज की तरह,

पर मेरी ये मोहब्बत महकती रहेगी हमेशा एक खुशबू की तरह।

तेरे वजूद की इस चमक में मेरे प्यार का भी कुछ हिस्सा है,

यही तो हम दोनों के इस खूबसूरत सफर का सबसे प्यारा किस्सा है।

जब मेरी दीवानगी तेरे इस शांत हुस्न से आ के टकराती है,

ये दुनिया अपनी सारी बेमतलब की रस्में भूल जाती है।

तेरी खूबसूरती मेरी गज़लों का केवल एक छोटा सा हिस्सा है,

मेरी मोहब्बत तो वो मुकम्मल किताब है जिसका तू पहला पन्ना है।

तेरे इस हुस्न पर किसी और का कोई हक नहीं है,

और मेरी मोहब्बत की गहराई पर मुझे कोई शक नहीं है।

हमने तो तेरी सीरत से प्यार किया था तेरे हुस्न से पहले,

अब तो दोनों ही बन चुके हैं मेरी जिंदगी के अनमोल गहने।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सुंदरता या रूप की प्रशंसा करना क्यों महत्वपूर्ण है?

सुंदरता की सच्ची प्रशंसा सामने वाले व्यक्ति को आत्मविश्वास और खुशी देती है। यह केवल बाहरी दिखावे की बात नहीं है, बल्कि उस इंसान की अहमियत और आपके जीवन में उसकी जगह को दर्शाने का एक मीठा तरीका है।

2. शायरी के माध्यम से भावनाओं को कैसे बेहतर व्यक्त किया जा सकता है?

शायरी कम शब्दों में बहुत गहरे अर्थ को पिरोने की कला है। इसमें इस्तेमाल होने वाले रूपक और भावनाएं सीधे दिल को छूती हैं, जो शायद सामान्य बातचीत में कहना संभव नहीं होता।

3. क्या रूप की तारीफ करने वाली शायरी केवल शारीरिक सुंदरता पर होती है?

बिल्कुल नहीं। बेहतरीन शायरी वह है जो इंसान की सादगी, उसकी मुस्कान, उसकी आंखों की सच्चाई और उसकी रूहानी चमक की बात करती है। असली तारीफ हमेशा आंतरिक गुणों की ओर ही इशारा करती है।

4. मैं अपनी पसंद की शायरी को अपने प्रिय तक कैसे पहुँचाऊँ?

आप इन शायरियों को हाथ से लिखे हुए छोटे से खत में, संदेश के माध्यम से, या फिर किसी खास मौके पर उन्हें आमने-सामने पढ़कर सुना सकते हैं। सही समय और सही अंदाज़ इसका प्रभाव बढ़ा देता है।

5. क्या मुझे इन शायरियों में अपनी तरफ से कुछ बदलाव करने चाहिए?

हाँ, आप अपनी भावनाओं और अपने रिश्ते की गहराई के अनुसार कुछ शब्दों में बदलाव कर सकते हैं। जब कोई कविता आपके अपने व्यक्तिगत अनुभव से जुड़ जाती है, तो वह और भी अधिक प्रभावशाली हो जाती है।

Final Words…

प्रेम और सुंदरता का यह सफर अनवरत है। जब हम किसी के रूप की प्रशंसा करते हैं, तो वास्तव में हम उस ईश्वर की कला की तारीफ कर रहे होते हैं जिसने उस इंसान को इतनी फुरसत और मुहब्बत से तराशा है। 

इस लेख में साझा की गई सभी कविताएँ उसी पवित्र एहसास का दर्पण हैं। हर एक पंक्ति में यह कोशिश की गई है कि आपके दिल के अनकहे जज्बात बाहर आ सकें। जब शब्द कम पड़ने लगें और सामने वाले की मासूमियत आपको निशब्द कर दे, तब ये पंक्तियां आपकी आवाज़ बन सकती हैं।

यदि आपको यह शायरी संग्रह दिल के करीब लगा हो और इसने आपके किसी खास की याद दिला दी हो, तो इसे उनके साथ जरूर साझा करें। अपने दोस्तों और करीबियों के साथ इस पृष्ठ को साझा करके उन्हें भी प्रेम की इस मीठी भाषा से रूबरू कराएं। 

आप चाहें तो इस पेज को सेव कर सकते हैं, ताकि जब भी आपको अपने प्यार का इज़हार करना हो या किसी खास लम्हे को और भी खूबसूरत बनाना हो, तो ये अल्फ़ाज़ हमेशा आपके पास रहें। प्रेम करते रहें और इसे अपने शब्दों से सजाते रहें।

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